Wednesday, March 4, 2026
37 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

Finance

Marketing

Politics

Strategy

Finance

Marketing

Politics

Strategy

रंग तो खेल लिया, अब क्या? बच्चों की सॉफ्ट स्किन से ऐसे हटाएं जिद्दी कलर, ये आसान तरीके करेंगे कमाल


Last Updated:

Holi 2026 Colors Remove: होली का नाम सुनते ही बच्चों के चेहरे पर जो चमक आती है, वो किसी भी त्योहार से अलग होती है. रंगों की पिचकारी, दोस्तों की टोली और पूरे दिन की मस्ती-यही तो बचपन की असली होली है, लेकिन हर साल त्योहार के बाद एक चिंता लगभग हर घर में दिखती है-बच्चों की नर्म त्वचा पर चढ़े जिद्दी रंग. कई बार ये रंग आसानी से नहीं उतरते और त्वचा पर खुजली, रैश या जलन जैसी परेशानी भी शुरू हो जाती है. खासकर छोटे बच्चों की स्किन इतनी सेंसिटिव होती है कि केमिकल रंगों का असर जल्दी दिखता है. ऐसे में माता-पिता का घबराना स्वाभाविक है. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान, सुरक्षित और घरेलू उपाय अपनाकर बच्चों की त्वचा से रंग धीरे-धीरे और बिना नुकसान के हटाया जा सकता है.

होली के बाद बच्चों की त्वचा की देखभाल क्यों जरूरी होली के रंग भले ही खुशियां लाते हों, लेकिन बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल, डाई और धातु के कण तक मिले होते हैं. बड़े लोग तो इन्हें किसी तरह झेल लेते हैं, मगर बच्चों की त्वचा पतली और जल्दी रिएक्ट करने वाली होती है. अक्सर देखा जाता है कि होली के अगले दिन बच्चों के हाथ-पैर पर लाल चकत्ते या सूखापन आ जाता है. कई बार माता-पिता घबराकर जोर से साबुन या स्क्रब लगाने लगते हैं, जिससे रंग तो कम होता है लेकिन त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है. इसलिए सबसे पहला नियम है-धीरे और नरमी से रंग हटाना.

1. गुनगुने पानी और तेल से करें शुरुआत सबसे सुरक्षित पहला स्टेप रंग हटाने की जल्दबाजी में सीधे साबुन या फेसवॉश लगाना सही तरीका नहीं है. पहले बच्चे की त्वचा पर हल्का नारियल या सरसों का तेल लगाएं और धीरे-धीरे मालिश करें. तेल रंग के कणों को ढीला करता है, जिससे वे आसानी से निकलने लगते हैं. इसके बाद गुनगुने पानी से नहलाएं. बहुत गर्म पानी त्वचा को ड्राई कर सकता है, इसलिए हल्का गुनगुना पानी ही सही रहता है. कई माता-पिता बताते हैं कि सिर्फ तेल और पानी से ही 60-70% रंग उतर जाता है.

2. दही-बेसन का उबटन: पुराना लेकिन असरदार स्किन-फ्रेंडली घरेलू क्लेंज़र दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा दही और बेसन का उबटन आज भी बच्चों की त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है. दही में मौजूद लैक्टिक एसिड हल्के एक्सफोलिएशन की तरह काम करता है और बेसन रंग के कणों को सोख लेता है. दो चम्मच बेसन, एक चम्मच दही और कुछ बूंदें नारियल तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं. इसे रंग लगे हिस्से पर लगाकर 3-4 मिनट हल्के हाथ से रगड़ें, फिर पानी से धो दें. इससे रंग धीरे-धीरे हल्का पड़ता जाता है.

Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

सनबर्न या जलन हो तो अपनाएं ये उपाय लालिमा कम करने के लिए ठंडक जरूरी अगर होली के बाद बच्चे की त्वचा लाल या गर्म महसूस हो रही हो, तो समझिए रंग और धूप दोनों का असर हुआ है. ऐसे में टमाटर या एलोवेरा जेल बहुत मददगार होता है. टमाटर के गूदे को हल्के से त्वचा पर लगाने से जलन कम होती है. वहीं एलोवेरा त्वचा को ठंडक देता है और रिकवरी तेज करता है. कई त्वचा विशेषज्ञ भी बच्चों में हल्की स्किन इरिटेशन के लिए एलोवेरा को सुरक्षित मानते हैं.

जिद्दी रंग हटाने के लिए पपीता और मुल्तानी मिट्टी प्राकृतिक क्लीन-अप मास्क कभी-कभी रंग इतने गहरे होते हैं कि सामान्य धोने से नहीं उतरते. ऐसे में पका हुआ पपीता मैश करके लगाना फायदेमंद रहता है. इसमें मौजूद एंजाइम त्वचा पर चिपके रंग को धीरे-धीरे ढीला करते हैं, अगर रंग ज्यादा हो तो मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा दही मिलाकर लेप बनाएं. इसे 5 मिनट लगाकर धो दें. ध्यान रखें-इसे ज्यादा देर न रखें, वरना त्वचा सूख सकती है.

नाखून और उंगलियों के बीच का रंग कैसे साफ करें बच्चों के नाखूनों में रंग फंस जाना आम बात है. इसे निकालने के लिए गुनगुने पानी में कुछ बूंदें नींबू रस डालकर नाखून 2-3 मिनट डुबोएं. फिर मुलायम ब्रश से हल्के हाथ से साफ करें. ध्यान रखें-जोर से रगड़ना नहीं है. बच्चों की नेल-बेड बहुत नाजुक होती है और जल्दी छिल सकती है.

होली के बाद हाइड्रेशन भी उतना ही जरूरी रंग हटाना ही पूरी देखभाल नहीं है. होली के दिन बच्चे धूप में ज्यादा खेलते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है. स्किन ड्राई होने का एक कारण डिहाइड्रेशन भी होता है. इसलिए होली के दिन और बाद में बच्चों को पानी, नारियल पानी या घर की बनी ठंडाई जरूर दें. अच्छी हाइड्रेशन से त्वचा जल्दी सामान्य हो जाती है.

क्या न करें: आम गलतियां कई घरों में होली के बाद सबसे बड़ी गलती होती है-बार-बार साबुन लगाकर जोर से रगड़ना. इससे त्वचा की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है. ब्लीच, केमिकल क्लेंज़र या हार्श स्क्रब बच्चों की त्वचा पर बिल्कुल इस्तेमाल न करें. रंग एक-दो दिन में खुद हल्का हो जाता है, इसलिए धैर्य रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है. होली बच्चों के लिए मस्ती और यादों का त्योहार है, न कि त्वचा की परेशानी का. सही तरीके से और नरमी के साथ रंग हटाया जाए तो बच्चों की नाजुक त्वचा सुरक्षित रहती है और त्योहार का मजा भी बना रहता है.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/tips-and-tricks-holi-2026-remove-holi-colors-from-kids-skin-safely-2-ws-e-10230171.html

Hot this week

मार्च 2026 त्योहारों से है भरा! यहां जानिए कब पड़ेंगे इस महीने के मुख्य पर्व!

होमफोटोधर्म मार्च 2026 त्योहारों से है भरा! यहां...

Topics

Exit mobile version