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Which oil is best for deep frying: कई व्यंजन ऐसे होते हैं, जिसे अधिक तेल में तल कर पकाने की जरूरत होती है. आजकल के बच्चों, टीनएजर्स को तली-भुनी चीजें खाने का शौक अधिक होता है. ऐसे में डीप फ्राई फूड्स लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है. लेकिन, जब आप कुछ भी डीप फ्राई करके बनाते हैं तो काफी तेल बच जाता है. वापस आप उसी तेल को इस्तेमाल करते हैं. एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. तले-भुने भोजन में जो तेल स्ट्रीट फूड में दुकानदार इस्तेमाल करते हैं, वो तो और भी अधिक सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. जानिए ऐसा क्यों होता है?
कई बार डीप फ्राई करने के लिए आप कड़ाही में काफी तेल डालते हैं. ब्रेड पकोड़ा, प्याज के पकोड़े, पूड़ी, भटूरे आदि कम तेल में तलना काफी मुश्कल है. ये फूड्स कम तेल में सही से नहीं बन सकते हैं. ऐसे में जब आप इन्हें बनाते हैं तो कड़ाही में काफी तेल बच जाता है. दोबारा से आप उसमें पूड़ी, भटूरे, पकोड़े आदि तलने लगते हैं. एक से दो बार तो इस तेल का इस्तेमाल ठीक है, लेकिन इससे अधिक बार यूज करना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है.
जब एक ही तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म किया जाता है, तो तेल में ऑक्सीडेशन का स्तर बढ़ जाता है और फ्री रेडिकल्स और ट्रांस-फैट भी बढ़ जाते हैं. ये पेट और आंतों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं.
आयुर्वेद के अनुसार, ऐसा तेल पाचन अग्नि को मंद कर देता है. शरीर में फैट को बढ़ाकर कई बीमारियों को जन्म दे सकता है. ज्यादा तेल का सेवन या डीप फ्राई चीजों को रेगुलर खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाता है. इससे हार्ट डिजीज होने की संभावना भी बढ़ जाती है.
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कौन सा तेल डीप फ्राइंग के लिए बेस्ट: काफी लोग रिफाइंड ऑयल, सरसों के तेल को तलने के लिए इस्तेमाल करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, देसी घी, नारियल के तेल, सरसों का तेल और मूंगफली के तेल को डीप फ्राइंग के लिए बेस्ट माना गया है. इन तेलों में बनी चीजों का सेवन आप कर सकते हैं. ये तलने के लिए उपयोगी माने गए हैं. ये सभी तेल उच्च ताप मानक पर भी अपने गुण बनाए रखते हैं. देसी घी को 250 सेल्सियस पर गर्म करने पर ऑक्सीडेशन का स्तर कम बना रहता है. फ्री रेडिकल्स भी कम बनते हैं.
नारियल के तेल में लगभग 90 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट होता है, जो बार-बार गर्म करने पर भी बाकी तेलों की तुलना में ऑक्सीडेशन कम बनाता है. वैसे ही, मूंगफली के तेल का उच्च ताप मानक 230 सेल्सियस होता है. ज्यादा गर्म होने पर भी फ्री रेडिकल्स कम बनते हैं. हालांकि, इसे बार-बार गर्म करना सेहत के लिए हानिकारक है.
कौन से तेलों के उपयोग से बचना चाहिए: यदि आप डीप फ्राई करने वाले हैं तो इसके लिए कॉर्न ऑयल, राइस ब्राउन, सोयाबीन, सूरजमुखी, ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कम से कम करें. आयुर्वेद में डीप फ्राइंग के पांच नियमों के बारे में बताया गया है, जिसमें पहला है, तेल को बार-बार प्रयोग करने से बचना. धुआं उठने के बाद तेल का इस्तेमाल न करना. अलग-अलग तेलों को मिलाने से बचना. तलने के बाद छानकर ही पुन: प्रयोग में लाना और मोटे तले के बर्तन का इस्तेमाल करना.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-which-oil-is-best-for-deep-frying-which-should-be-avoided-know-side-effects-5-rules-of-deep-frying-in-ayurveda-in-hindi-10130131.html
