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आज से खुल जाएंगे इस धाम के कपाट, दर्शन के लिए है कठिन चढ़ाई, लेकिन पहुंचते ही बदल जाती है किस्मत!

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Kangra News: आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के कपाट 17 मार्च को खुलेंगे, जो ठंड और बर्फबारी के कारण नवंबर से बंद थे. यह मंदिर धौलाधार पर्वत पर स्थित है और शिव-शक्ति का सिद्ध स्थल माना जाता है. मान्यता है कि यहां देवी…और पढ़ें

आज से खुल जाएंगे इस धाम के कपाट, दर्शन के लिए है कठिन चढ़ाई, लेकिन पहुंचते ही

आदि हिमानी चामुंडा नंदीकेश्वर धाम 

हाइलाइट्स

  • आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के कपाट 17 मार्च को खुलेंगे.
  • मंदिर प्रशासन ने कपाट खोलने का निर्णय लिया.
  • मंदिर धौलाधार पर्वत श्रृंखला पर स्थित है.

कांगड़ा. जिला कांगड़ा में स्थित आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के कपाट सोमवार, 17 मार्च को खोले जाएंगे. ठंड और भारी बर्फबारी के कारण 25 नवंबर से 15 मार्च तक मंदिर के द्वार बंद रहते हैं. अब मौसम में सुधार के बाद मंदिर प्रशासन ने कपाट खोलने का निर्णय लिया है.

मंदिर प्रशासन की ओर से कपाट खोलने के लिए एक टीम रवाना हो चुकी है. इसमें पुजारी बबलू, विनय सैणी, सुभाष चंद्र, सुरेंद्र दीक्षित और एक होमगार्ड जवान शामिल हैं. इस संबंध में जानकारी मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने दी.

आदि हिमानी चामुंडा मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
आदि हिमानी चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में मां भगवती शक्ति रूप में विराजमान हैं. यह स्थल पौराणिक काल से शिव-शक्ति का अद्भुत सिद्ध वरदान देने वाले स्थान के रूप में जाना जाता है.

रुद्र चामुंडा के रूप में प्रसिद्ध
मान्यता के अनुसार, असुर जालंधर और महादेव के युद्ध के दौरान भगवती चामुंडा को अधिष्ठात्री देवी और रुद्रत्व की प्राप्ति हुई. इस कारण यह क्षेत्र रुद्र चामुंडा के रूप में प्रसिद्ध है. मां चामुंडा जालंधर पीठ के उत्तरी द्वारपाल के रूप में भी प्रतिष्ठित हैं.

चंड और मुंड के वध की कथा
देवासुर संग्राम के दौरान भगवती कौशिकी ने अपनी भृकुटि से मां चंडिका को उत्पन्न किया और उन्हें दैत्य चंड और मुंड का वध करने का आदेश दिया. मां चंडिका और दैत्यों के बीच भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें मां ने चंड और मुंड का वध कर दिया. उनके कटे हुए सिरों को लेकर जब मां चंडिका, भगवती कौशिकी के पास पहुंचीं, तो भगवती ने प्रसन्न होकर उन्हें “चामुंडा” नाम दिया. तभी से कांगड़ा जिले में मां चामुंडा क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं.

धौलाधार पर्वत पर स्थित पवित्र धाम
आदि हिमानी श्रीचामुंडा मंदिर धौलाधार पर्वत श्रृंखला पर स्थित है. यहां का मौसम अत्यधिक ठंडा रहता है और बर्फबारी के कारण हर साल नवंबर से मार्च तक मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना न हो.

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