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एक-दो नहीं IIT के 9 धुवतारा बने हुए हैं सन्यासी, करोड़ों की नौकरी पर लात मार कर बने धर्म के रक्षक, हर एक का नाम जानकर हो जाएंगे इनके मुरीद

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9 IITians Becomes Sanyasi: इस बार महाकुंभ के कारण कई युवा बाबा को टीवी पर या यूट्यूब पर आप देखते होंगे. इनमें से एक दो नहीं बल्कि कई बाबा देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से लेकर आईआईएम तक के पढ़े लिखे हैं. शुरू में आपको…और पढ़ें

एक-दो नहीं IIT के 9 धुवतारा बने हुए हैं सन्यासी, करोड़ों की नौकरी पर लात मार

आईआईटी के पढ़े-लिखे भी बन रहे हैं सन्यासी.

9 IITians Becomes Sanyasi: भारत में आईआईटी में एडमिशन हो जाना चांद पर चढ़ने से कम महान काम नहीं है. अगर किसी का आईआईटी में दाखिला हो जाता है तो वह अपने मां-बाप के ही नहीं, पूरे इलाके की वह शान बन जाता है. आईआईटी से 4 साल की पढ़ाई के बाद ऐसे लोगों को लाखों की नौकरी मिल जाती है. अगर बीटेक के बाद एमटेक कर लिया तो सैलरी करोड़ों में पहुंच जाती है. कई आईआईटियन को विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी मिलती है. लेकिन जरा सोचिए जब ये लोग करोड़ों की नौकरी पर लात मारकर धर्म के मार्ग पर चला आए तो क्या होगा. पहली नजर में आप सोचेंगे कि निश्चय ही ऐसे व्यक्तियों के दिमाग में कुछ है, इसलिए तो ये इतनी बड़ी नौकरी छोड़कर चले आए हैं लेकिन एक बात गांठ बांध लीजिए कि जब आप इनके करीब जाएंगे, तो आप इनके मुरीद होते जाएंगे. जितना-जितना इनके रस मे भीगेंगे आपकी आत्मा उतनी ही मनुष्यता के करीब जाएगी. यहां ऐसे ही 9 ध्रुवतारा के बारे में आपको बता रहे हैं जिन्होंने आईआईटी से ग्रेजुएट किया लेकिन आज वे धर्म के रक्षक बने हुए हैं. इनमें से कई तो आईआईटी के बाद आईआईएम और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से पीएचडी डिग्री तक हासिल की है. आइए इनके बारे में जानते हैं.

Masani Gorakh

अभय सिंह-मसानी गोरख
Masani Gorakh (IIT Bombay): न्यूज 18 ने हाल ही अभय सिंह को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. अभय मुश्किल से 30 साल के होंगे. वे आईआईटी मुंबई से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके बाद भी उन्होंने इंजीनियरिंग में और कोर्स किया है. वे कनाडा में लाखों की नौकरी कर भी रहे थे. लेकिन अचानक पिछले तीन साल से वे साधु बन गए हैं. इस बार महाकुंभ में वे आकर्षण के केंद्र में हैं. अब वे भगवान शिव के भक्त हैं और परम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन साधना में व्यस्त हैं.

Aviral Jain

अविरल जैन
Aviral Jain (IIT BHU): अविरल जैन आईआईटी बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट किया है. अमेरिका के वालमार्ट कंपनी में वे करोड़ों की नौकरी कर रहे थे. 2019 में अचानक उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैन मुनि बन गए. वे विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य हैं. अब वे परम ज्ञान की प्राप्ति के लिए कठिन साधना में लीन है.

Sanket Parekh (IIT Bombay):

संकेत पारिख
Sanket Parekh (IIT Bombay): संकेत पारिख आईआईटी बंबई से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट किया है. वे भी अमेरिका में करोड़ों की नौकरी कर रहे थे और अचानक सन्यासी बन गए. दिलचस्प बात यह है कि सन्यासी बनने से पहले उनका धर्म में विश्वास नहीं था, इसके बावजूद वे धर्म की राह पर परम ज्ञान की खोज करने आ गए. परिवार ने बहुत समझाया लेकिन वे नहीं मानें. संकेत पारिख दो साल कर आचार्य युग भूषण सुरी के नेतृत्व में साधना की और अब वे पूरी तरह से जैन मुनि हैं.

Acharya Prashant (IIT Delhi):

आचार्य प्रशांत
Acharya Prashant (IIT Delhi):आचार्य प्रशांत को कई लोग जानते होंगे. वे सोशल मीडिया पर काफी प्रभावशाली गुरु हैं. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट किया है. इतना ही नहीं दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम अहमदाबाद से उन्होंने एमबीए की डिग्री भी ली है.इस बात को जानकर हैरान हो जाएंगे कि आईआईटी और आईआईएम के बाद वे आईएएस अधिकारी भी बने लेकिन कुछ ही समय में मोह भंग हो गया और उन्होंने अद्वैत लाइफ एजुकेशन की नींव रख दीं. आज आचार्य प्रशांत अपने प्रवचनों और सैकड़ों किताबों के माध्यम से दुनिया को जागृत कर रहे हैं.

Mahan Mj (IIT Kanpur)


महान एमजे

Mahan Mj (IIT Kanpur): महान एमजे आजकल स्वामी विद्यानाथ नंदा के नाम से प्रसिद्ध हैं. इससे पहले आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से मैथ में पीएचडी की डिग्री भी हासिल कर चुके हैं. 2008 में इस दुनियावी दुनिया से अलग रामकृष्ण मठ के साथ जुड़ गए. वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मुंबई में मैथ के प्रोफेसर भी हैं. वे अपने आध्यात्म से लोगों के जीवन में जीवन की गहराई के बारे में बताते हैं.

Gauranga Das (IIT Bombay):


गौरंग दास

Gauranga Das (IIT Bombay): गौरंग दास आईआईटी बंबई से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है. नौकरी करने के कुछ समय बाद उन्होंने इसे छोड़ दी और इस्कॉन के साथ जुड़ गए. उन्हें देश के प्रतिष्ठित मोटिवेशनल स्पीकरों में शुमार किया जाता है. गौरंग दास अपने वैज्ञानिक ज्ञान को जीवन की चुनौतियों में इस्तेमाल कर इसका आध्यात्मिक समाधान बताते हैं.

Swami Mukundananda (IIT Delhi)


स्वामी मुकुंदानंद

Swami Mukundananda (IIT Delhi): स्वामी मुकुंदानंद आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में डिग्री धारक हैं. इतना ही नहीं वे आईआईएम कोलकाता से एमबीए भी हैं. उन्होंने कॉरपोरेट की नौकरी भी की. इसके बावजूद वे एक दिन अचानक अपनी आत्मा की आवाज सुनकर सन्यासी बन गए. उन्होंने जगदगुरु कृपालुजी योग संस्थान की नींव रखी है. वे योग, मेडिटेशन और जीने के समग्र दृष्टिकोण को सीखाते हैं.

Rasanath Das (IIT Delhi)


रसनाथ दास

Rasanath Das (IIT Delhi): रसनाथ दास आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट हैं. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया है. इसके बाद इन्होंने कुछ दिन बहुत बड़ी नौकरी भी की. रसनाथ दास इस्कॉन से जुड़े हुए हैं और आध्यात्म मार्ग पर आ गए हैं. उन्होंने अपबिल्ड नाम की एक संस्था खोली है जो लोगों में आंतरिक नेतृत्व क्षमता को आध्यात्म के मार्ग से निखारते हैं.

Sandeep Kumar Bhatt IIT


संदीप कुमार भट्ट

Sandeep Kumar Bhatt IIT: संदीप कुमार भट्ट आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की है. 2002 में वह अपने बैच के गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे. एमटेक के बाद इन्होंने लाखों रुपये की नौकरी की. फिर अचानक एक दिन सिर्फ 28 साल की उम्र में उन्होंने संन्यास की राह पकड़ ली. संन्यासी बनने के बाद उन्होंने अपना नाम स्वामी सुंदर गोपालदास रख लिया (Swami Sundar Gopaldas).

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