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सर्दियों में भी 88 डिग्री गर्म रहता पानी! स्नान से चर्मरोग होते हैं ठीक? जानें इस कुंड का पौराणिक महत्व…

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Hazaribagh News : हजारीबाग के बरकट्ठा स्थित सूर्यकुंड एशिया का सबसे गर्म जलकुंड है, जहां मकर संक्रांति पर 15 दिवसीय ऐतिहासिक मेले का आयोजन होता है. धार्मिक मान्यताओं के साथ यहां स्नान करने से रोग दूर होते हैं. कुंड में आंवला डालने से संतान प्राप्ति…और पढ़ें

हजारीबाग. हजारीबाग के बरकट्ठा प्रखंड में एशिया का सबसे गर्म जलकुंड, सूर्यकुंड स्थित है. यहां मकर संक्रांति के अवसर पर मेले का आयोजन किया जाता है. यह मेला 15 दिनों का लगता है. 15 दिवसीय इस मेले में दूसरे राज्य से भी लोग पहुंचते हैं. देवघर श्रावणी मेला के बाद झारखंड का यह दूसरा सबसे बड़ा मेला होता है. यहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. मंगलवार के दिन इस 15 दिवसीय मेले का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और स्थानीय विधायक अमित यादव ने सामूहिक रूप से किया.

मकर संक्रांति के अवसर पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने कुंड में डुबकी लगाकर स्नान किया. लगभग चार बजे सुबह से लोगों का तांता लगा रहा. यहां मान्यता यह है कि भगवान श्रीराम वनवास के वक्त सूरजकुंड में वास किए थे. माता सीता द्वारा छठ पर्व करने के लिए लक्ष्मण ने अपने वाण से सूरजकुंड की स्थापना की थी. स्थापना काल से लेकर अनवरत गर्म पानी जलस्त्रोत चल रहा है.

जल में आंवला डालने से होती है संतान प्राप्ति
वैज्ञानिकों के अनुसार यहां की भूमि के नीचे गंधक मौजूद है. गंधक के रासायनिक प्रतिक्रिया के चलते पानी गर्म रहता है. वहीं लोक आस्था के मुताबिक कुंड में आंवला डालने से संतानोपत्ति की जानकारी प्राप्त होती है. जिस कारण संतान की चाह में लोग यहां मौजूद कुंड में आवंला डाल रहे थे.

इस कुंड में स्नान से दूर होते हैं सभी रोग
हजारीबाग के बरकट्ठा स्थित सूर्यकुंड एशिया का सबसे गर्म कुंड है. इस परिसर में पांच कुंड मौजूद हैं. यहां मौजूद सूरजकुंड ,रामकुंड, सीताकुंड, लक्ष्मणकुंड ,भरतकुंड सभी कुंडों का तापमान अलग अलग है. लेकिन यहां के मुख्य कुंड के पानी का तापमान 88.8 डिग्री रहता है. ठंड के मौसम में भी इस कुंड का प्राकृतिक और सामान्य तापमान 88.8 डिग्री ही रहता है. कुंड में बराबर स्नान करने व जल सेवन करने से चर्मरोग समेत अपच गैस सम्बधी विकार दूर होता है.सालों भर लोग इसमे स्नान कर रोग मुक्त होते है.

ऐतिहासिक है यह मेला
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने लोगों को मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं दी. साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. यह मेला ऐतिहासिक है, जहां झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं. उन्होंने कहा क्षेत्र को विकसित करने के लिए संकल्पित है.

वहीं यहां स्नान करने आए बरही प्रखंड के शिवपूजन कुमार का कहना था कि 15 साल पूर्व यहां आया था आज इसकी रौनक बदल गई है धीरे-धीरे यहां विकास के कई काम हो रहे हैं इसकी धार्मिक मान्यता के कारण से यहां लोगों का तांता लगा रहता है. 15 दिन के मेले में लोगों को देखने के लिए बहुत सारी चीज यहां पर मौजूद है.

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