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महुली गंगा घाट अपने प्राकृतिक सौंदर्य, सरफेस वाटर सप्लाई सेंटर, माता सती कुंवारी मनोरथा दासी की तपोस्थली और जयप्रकाश नगर के ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है.
साल 2025 विदा होने को है और नववर्ष 2026 की आहट दस्तक देने लगी है. नए साल का स्वागत हर कोई खास अंदाज में करना चाहता है. परिवार और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने और खुशियां बांटने का यह सुनहरा मौका होता है. लोग अक्सर हिल स्टेशन और समुद्री तटों का रुख करते हैं, पर अपने ही जिले में एक ऐसा सुरम्य स्थल मौजूद है, जहां का प्राकृतिक सौंदर्य किसी समुद्र तट से कम नहीं लगता है.
महुली गंगा घाट की सुबह और दोपहर किसी फिल्मी दृश्य जैसी लगती हैं, पेड़ पौधे का मनोरम दृश्य, खुला आसमान, नीचे सफेद रेत की मोटी परत, गंगा की कल-कल धारा, और सर्द हवाओं के बीच हल्की सुहानी धूप. यह नजारा दूर-दराज के पर्यटकों को भी अपनी ओर खींचने की क्षमता रखता है. हर साल क्रिसमस और नववर्ष पर यहां हजारों लोगों की भीड़ जुटती है. जनवरी का अंतिम सप्ताह पिकनिक का मौसम माना जाता है, और परिवार या दोस्तों के साथ लोग ऐसे शांत और मनोरम स्थलों की तलाश में रहते हैं.
महुली गंगा घाट इस चाहत को पूरा करता है, प्रकृति, रोमांच और धार्मिक आस्था तीनों का संगम यहां मिलता है. महुली गंगा घाट पर बिहार का पहला सरफेस वाटर सप्लाई सेंटर स्थित है, जिसका अद्भुत दृश्य और विशाल संरचना आने वाले लोगों को आकर्षित करती है. सफेद रेत और नीली धारा के साथ इसकी झलक किसी पर्यटन स्थल जैसी अनुभूति कराती है. यहीं स्थित है महान तपस्विनी माता सती कुंवारी मनोरथा दासी की तपोस्थली, जहां लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का यह मेल पर्यटकों को लंबे समय तक बांधे रखता है.
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आरा से महुली गंगा घाट से मात्र दस किलोमीटर दूरी पर है, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली जयप्रकाश नगर है. यहां स्थित संग्रहालय, पुस्तकालय और क्रांतिकारियों से जुड़े अद्भुत दृश्य इतिहास प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है. पर्यटक गंगा में नौका विहार और पिपा पुल के रास्ते भी यहां पहुंचते हैं. जो नए साल की यात्रा को और रोमांचक बना देता है.
महुली घाट पर पिकनिक करने के लिए आरा से बलिया से और आसपास के कई गांव के लोग जाते हैं. यहां पर आप गंगा किनारे शांत माहौल में खाना बना कर खा सकते हैं. नाव की सवारी कर सकते हैं. कुछ ही दूरी पर उत्तर प्रदेश का बलिया शहर है वहां भी भ्रमण कर सकते हैं. इसके अलावा पास में ही मां सती कुंवारी का मंदिर मौजपुर में है उसका भी दर्शन कर सकते हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/travel-mahuli-ganga-ghat-tourism-adventure-and-faith-on-new-year-2026-local18-ws-l-10015677.html
