Rahu In 2nd House: कुंडली में दूसरा भाव बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि यही घर से जुड़ी बातें, बोलने का ढंग, पैसा, सेविंग्स, ज्वेलरी, खान-पान, परिवार से रिश्ते और शुरुआती लाइफ का माहौल दिखाता है. ऐसे में जब इस जगह पर राहु बैठ जाए, तो इसका असर सीधा-सीधा इंसान की सोच, पैसा कमाने के तरीके, बोलने के तरीके और परिवार के माहौल पर पड़ता है. राहु अपने आप में एक ऐसा ग्रह है जो भौतिक सुख, आकर्षण, मोह, उलझन और अचानक होने वाली घटनाओं का कारक माना जाता है. इसलिए इसका दूसरा भाव में बैठना कई बार इंसान की लाइफ को बहुत ऊपर भी ले जाता है और कभी-कभी उलझनें भी बढ़ा देता है. राहु जिस भी भाव में जाता है, वहां चीजों को बड़ा कर देता है. मतलब अगर आप अच्छा बोलते हैं, तो राहु इस कला को और तेज कर देगा, लेकिन अगर बोलने में कड़वाहट है, तो ये आदत और बढ़ सकती है. इसी तरह अगर आप पैसों के मामले में समझदार हैं, तो राहु कमाई के कई रास्ते खोल सकता है, लेकिन अगर लालच ज्यादा है, तो अचानक नुकसान भी दे सकता है. यही वजह है कि राहु दूसरे भाव में होने पर इंसान को अपनी लाइफ को बैलेंस करके चलना बहुत जरूरी होता है, नहीं तो छोटी गलती भी बड़ी परेशानी में बदल सकती है. राहु का असर किस तरह पड़ेगा, ये आपकी राशि, नक्षत्र, दशा और बाकी ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है, लेकिन फिर भी राहु के कुछ आम अच्छे और बुरे असर ऐसे हैं जिन्हें लगभग हर कुंडली में देखा जाता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.
राहु दूसरे भाव में होने के सकारात्मक प्रभाव
1. बोलने की कला का तेज होना
ऐसे लोग बहुत प्रभावशाली तरीके से बोलते हैं. आवाज़ में दम होता है, तर्क मजबूत होते हैं और पब्लिक में अपनी बात समझा पाने में काफी सफल रहते हैं.
2. अच्छी कमाई के मौके बढ़ना
राहु कमाई के नए, अनोखे और आधुनिक रास्ते खोल देता है. सोशल मीडिया, डिजिटल वर्क, राजनीति, फाइनेंस, क्रिएटिव काम, मार्केटिंग या टेक्नोलॉजी से कमाई के बड़े मौके मिल सकते हैं.
3. विदेश से लाभ
दूसरे भाव में राहु होने पर कई बार विदेश से पैसा, जॉब, प्रोजेक्ट या रिश्तेदारों की मदद मिलती है. ऐसे लोग विदेश यात्रा का भी योग रखते हैं.
4. ज्वेलरी और लग्ज़री चीजों का शौक
राहु आकर्षण बढ़ाता है, इसलिए ऐसे लोग महंगी चीजें, गहने, सुगंध, ब्रांडेड चीजें और शोभा बढ़ाने वाली चीजें पसंद करते हैं.

राहु के शुभ और अशुभ परिणाम
5. फैमिली में प्रभाव बढ़ना
कई बार इन लोगों की बात घर में काफी मानी जाती है. समझदारी के कारण लोग सलाह भी लेते हैं.
राहु दूसरे भाव में होने के नकारात्मक प्रभाव
1. बोलने में कड़वाहट या झूठ की आदत
जब राहु नकारात्मक असर देता है, तो इंसान बिना सोचे बोल देता है. कभी-कभी झूठ या ओवर-प्रॉमिस करने की आदत भी बढ़ सकती है, जो रिश्तों में दूरी बना देती है.
2. पैसे में उतार-चढ़ाव
ये लोग पैसा तेजी से कमा सकते हैं, लेकिन उतनी ही तेजी से खर्च या नुकसान भी हो सकता है. गलत निवेश, जोखिम भरे काम या लालच से बचना जरूरी है.
3. परिवार से मनमुटाव
कभी-कभी परिवार में गलतफहमी, विवाद या दूरी बनने लगती है. बचपन में माहौल भी थोड़ा टकराव वाला हो सकता है.
4. खान-पान की गड़बड़ी
राहु तली-भुनी या अजीब चीजों के प्रति झुकाव बढ़ा देता है, जिससे पेट से जुड़े मसले हो सकते हैं. कई बार आदतें भी बिगड़ सकती हैं.
5. कर्ज लेने की आदत
कुछ लोगों में बिना सोच-समझ के कर्ज लेने, EMI बढ़ाने या जरूरत से ज्यादा खर्च करने की आदत आ जाती है.
राहु के शुभ और अशुभ परिणाम
राहु दूसरे भाव में होने पर क्या करें? आसान और असरदार उपाय
1. काले तिल का दान करें
हर शनिवार को काले तिल दान करना राहु के बुरे असर को काफी हद तक कम कर देता है.
2. सरसों के तेल से दीपक जलाएं
शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाना मन को शांत करता है और राहु के नकारात्मक असर को कम करता है.
3. कौआ या कुत्ते को खाना खिलाएं
हफ्ते में कम से कम एक बार किसी जानवर को खाना खिलाने से राहु नरम होता है.
4. आपत्तिजनक भाषा से बचें
राहु बोलने पर ज्यादा असर डालता है, इसलिए गुस्से में या बिना सोचे समझे बोलने से बचें.
5. नीला या काला पहनने से पहले सोचें
कुछ लोगों को काला या नीला रंग नुकसान भी दे सकता है, इसलिए ज्योतिषीय सलाह लेकर ही रंग तय करें.
6. मां की सेवा करें
मां, मौसी या बुआ का सम्मान और सेवा राहु के दोष को काफी कम करती है.