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सर्दियों में शकरकंद सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है और यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. लेकिन बढ़ती डिमांड के साथ ही मिलावट और खराब क्वालिटी का खतरा भी बढ़ जाता है. कई बार देखने में चमकदार और एक जैसे रंग वाले शकरकंद असल में केमिकल से ट्रीट किए हुए या स्टोर किए गए होते हैं, जो स्वाद और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
आजकल बाजार में शकरकंद की बढ़ती मांग के साथ-साथ मिलावट और खराब क्वालिटी का खतरा भी बढ़ गया है. खासतौर पर सर्दियों में शकरकंद का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर यह नकली, केमिकल युक्त या खराब क्वालिटी का हुआ तो फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है.
कई बार ज्यादा चमकदार रंग, एक जैसा साइज और बिना दाग-धब्बों वाला शकरकंद देखकर लोग उसे बेहतरीन मान लेते हैं, जबकि हकीकत इसके उलट हो सकती है. इसलिए शकरकंद खरीदते समय केवल कीमत या दिखावट पर नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी, रंग और बनावट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. सही शकरकंद न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि पोषण से भरपूर भी होता है.
असली और अच्छी क्वालिटी के शकरकंद की पहचान सबसे पहले उसके रंग से की जा सकती है. प्राकृतिक शकरकंद का रंग हल्का लाल, भूरा या बैंगनीपन लिए होता है, जो हर टुकड़े में एक जैसा नहीं होता. अगर शकरकंद जरूरत से ज्यादा चमकदार, बहुत गहरा या एकदम समान रंग का दिखे, तो यह केमिकल से ट्रीट किया हुआ हो सकता है.
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इसके अलावा असली शकरकंद की सतह थोड़ी खुरदरी होती है और उस पर हल्की-फुल्की दरारें या निशान भी दिख सकते हैं, जो उसकी नैचुरल ग्रोथ का संकेत होते हैं. बहुत ज्यादा स्मूद और पॉलिश्ड दिखने वाला शकरकंद शक के दायरे में आता है.
शकरकंद की क्वालिटी जांचने का दूसरा तरीका है उसे हाथ में लेकर महसूस करना. अच्छा शकरकंद वजन में थोड़ा भारी और अंदर से सख्त होता है. अगर दबाने पर वह बहुत ज्यादा नरम लगे या कहीं से गल रहा हो, तो समझ लें कि वह अंदर से खराब हो सकता है. इसके अलावा जिन शकरकंदों में से बदबू आ रही हो या जिन पर सफेद फंगस, काले धब्बे या नमी दिखे, उन्हें खरीदने से बचना चाहिए. कई बार दुकानदार पुराने शकरकंद को ताजा दिखाने के लिए पानी का छिड़काव करते हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा गीला शकरकंद भी ठीक नहीं माना जाता.
कट करके पहचानने पर भी असली और नकली शकरकंद में फर्क साफ नजर आता है. घर लाकर जब आप शकरकंद काटते हैं, तो असली शकरकंद अंदर से हल्का पीला, क्रीमी या नारंगी रंग का होता है और उसमें हल्की-सी दूधिया नमी नजर आती है. अगर काटते ही बहुत ज्यादा पानी निकले, रंग असामान्य लगे या अंदर से काला पड़ता दिखे, तो वह शकरकंद खाने लायक नहीं होता.
पकाने के बाद असली शकरकंद में नैचुरल मिठास और खुशबू आती है, जबकि खराब या नकली शकरकंद का स्वाद फीका या अजीब हो सकता है.
शकरकंद खरीदते समय हमेशा मौसम, स्थानीय उत्पादन और भरोसेमंद दुकानदार को प्राथमिकता दें. बहुत सस्ता शकरकंद अक्सर खराब क्वालिटी का हो सकता है, वहीं जरूरत से ज्यादा महंगा होना भी उसकी शुद्धता की गारंटी नहीं है. कोशिश करें कि मध्यम साइज के, हल्के दाग-धब्बों वाले और नैचुरल रंग के शकरकंद ही खरीदें. सही तरीके से चुना गया शकरकंद न सिर्फ आपके खाने का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि फाइबर, विटामिन और एनर्जी से भरपूर होकर आपकी सेहत का भी पूरा ध्यान रखेगा.
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