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Sunasuniya benefits : यह साग किसी संजीवनी से कम नहीं है. शरीर को गर्माहट देने के साथ कई रोगों को दूर करने में रामबाण है. ग्रंथों में इसे स्वास्तिक, सुनिष्णक और श्रीवारक नामों से बुलाया गया है. मूत्रमार्ग से जुड़ी शिकायतों में अचूक है. इस साग के काढ़े का सेवन करने से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
बलिया. ठंड का मौसम शुरू हो चुका है. इस दौरान बाजार में हरी सब्जियों की बाढ़ आ जाती है. इन्हीं में से एक सुनसुनिया या चौपतिया साग है. ये औषधीय गुणों से भरपूर है. यह साग खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है, जो वर्षों से लोक परंपरा और आयुर्वेद में अपनी विशेष उपयोगिता के लिए प्रसिद्ध है. यह साग किसी संजीवनी से कम नहीं है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह शरीर को गर्माहट देने के साथ कई रोगों को दूर करने में रामबाण है. बलिया की चर्चित आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के मुताबिक, यह साग वनस्पति जगत में मार्सिलिया प्रजाति के अंतर्गत आता है. आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे स्वास्तिक, सुनिष्णक और श्रीवारक नामों से वर्णित किया गया है. इस साग को ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नए चावल या दलिया के साथ खाना बहुत पसंद करते हैं. यह पाचन तंत्र को मजबूत और शरीर को ऊर्जा देने वाला है. सुनसुनिया साग को घी में पकाकर खाने से शरीर को बल मिलता है और जोड़ों से संबंधित परेशानियां भी दूर होती हैं. इससे अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है.
जख्म का मरहम
डॉ. प्रियंका कहती हैं कि इस पौधे के रस का प्रयोग आंखों के लिए लाभकारी माना गया है. हालांकि, किसी भी प्रकार का घरेलू प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत जरूरी है. सुनसुनिया के चूर्ण को मठ्ठे या मिश्री के साथ लेने का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है, जिन्हें मूत्रमार्ग से जुड़ी शिकायतों में संजीवनी समान माना गया है. इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर घाव पर लगाने से घाव भरने की प्रक्रिया में सहायता मिलती है.
भरोसे और अनुभव की कड़ी
डॉ. प्रियंका के अनुसार, इस साग के काढ़े का सेवन करने से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. यह साग ठंड में शरीर को गर्म रखने में काफी कारगर है. सुनसुनिया साग के पारंपरिक उपयोगों को लोग भरोसे और अनुभव के आधार पर अपनाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी लाभों के लिए विशेषज्ञ की राय लेना हमेशा बेहतर है क्योंकि यह साग भी किन्हीं परिस्थितियों में हानिकारक सिद्ध हो सकता हैं.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu… और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-cold-saag-sunasuniya-benefits-chaupatiya-ke-fayde-local18-9856038.html
